माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री महेश मित्तल कुमार, अध्यक्ष

  

माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री महेश मित्तल कुमार ने 5 जून 2005 कोकम्पनी विधि बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला । . ये पंजाब की एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंधित हैं। इनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि उत्कृष्ट है। मुख्य न्यायधीश श्री कुमार ने एलएलबी की डिग्री पंजाब विश्वविद्यालय से और एलएलएम की डिग्री इंग्लैंड से प्राप्त की। एक अधिवक्ता के रूप में सन् 1977 में इनका नामांकन हुआ। सन् 1984-90 तक ये चंडीगढ के पंजाब विश्वविद्यालय में अंशकालिक फैकल्टी के रूप में कार्यरत रहे। 1991-92 के लिए ये पंजाब और हरियाणा उच्चन्यायालय के वायसप्रेसीडेंट के रूप में चुने गए। तत्पश्चात् अक्टूबर 1995 सेनवम्बर 1996 तक पंजाब के महाधिवक्ता के रूप में इन्हें नियुक्त किया गया। 02.07.2001 को चंडीगढ के पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश के रूप में इन्हें पदोन्नत किया गया। तत्पश्चात् 08.06.2012 को जम्मू और कश्मीर के उच्चन्यायालय के मुख्य न्यायधीश के रूप में इनकी नियुक्ति हुई। 04.01.2015 को ये सेवानिवृत्त हुए। ये मुख्यतः अपने स्वतंत्र दृष्टिकोणऔर त्रुटिहीन अखंडता के लिए जानेजाते हैं।

इन्होंने 1985 में रेवेन्सवुड लंदन द्वारा प्रकाशित ‘कंट्रोलआॅफ एक्सक्लूजन क्लोज इन इंग्लैंड एण्ड इंडिया’ नामक पुस्तक लिखी। ये विविध सेवाप्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष तथा मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष रहे और मेगा लोकअदालत का आयोजन किया।पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश के रूप में अपने कार्यकाल में इन्होंने एक बड़ी संख्या में संवैधानिक कानून ,कम्पनी कानून , सेवा कानून , सिविल लाॅ, चुनाव कानून , भूमि अधिग्रहण , टैक्स तथा जनहित याचिकाओं के लिए महत्त्वपूर्ण निर्णय दिए। जम्मू और कश्मीर के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के रूप में कई विश्व प्रसिद्ध मामलों जैसे डल झील , श्रीनगर के मास्टर प्लान का उल्लंघन , जम्मू और कटरा भ्रष्टाचार , वीडियो काॅन्फ्रैंसिंग के लोकप्रिय उपयोग , मेगा लोक अदालत और कई अन्य परियोजनाओं में निर्णय लिए।